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आईपीएस विकास वैभव के हाथों सम्मानित हुई लोक गायिका पूनम मिश्रा

पूनम मिश्रा ‘गार्गी अचीवर्स अवार्ड -2024' से सम्मानित

भारत वीकली @मधुबनी। मिथिला की प्रतिभा देश ही नहीं, पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रही है। मिथिला की बेटी पूनम मिश्रा को 3 मार्च को पटना में गार्गी नारी सम्मेलन कार्यक्रम में आईपीएस विकास वैभव ने ‘ गार्गी अचीवर्स अवार्ड -2024 से सम्मानित किया। मौके पर मौजूद विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री दुलारी देवी , पद्मश्री विमल जैन के अलावा निशा मदन झा ने पूनम मिश्रा के गायिकी की खुलकर तारीफ की। दरअसल पूनम मिश्रा के पिता संगीतज्ञ थे। हारमोनियम बजाते थे। उन्हीं की उंगली थामें पूनम 6 वर्ष की उम्र में ही मंच की राह पकड़ ली।

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र के मनपौर गाँव में जन्में पूनम मिश्रा प्रख्यात लोक गायिका के रूप में सम्पूर्ण देश भर में जानी जाती है। पूनम मिश्रा के स्वर में हज़ारों हिट गीत और अल्बम बाजार में आ चुका है, जिसमें सबसे सुपरहिट एल्बम “मनमोहन दूल्हा” रहा। जहाँ तक हिट एल्बम की बात रही तो भगवती वंदना, दुलरुआ बौवा, सोहर-समदाउन, दुर्गा महिमा, दूल्हा-दुल्हिन इत्यादि है। सोशल मीडिया पर भी काफ़ी लोकप्रिय पूनम मिश्रा के गानों को लाखों-करोड़ों की संख्या में लोग सुनते और उनके एलबम को देखते हैं। युट्यूब पर पूनम मिश्रा के स्वर में “जहिये स गेलखिन सजना”, “विनती सुनियौ हे महारानी”, “बाबा रचि-रचि लिखबै यौ ,“पिया परदेश गेलै” , “राजा जनक जी के एक बेटी सीता जैसे कई मैथिली गीतों को श्रोताओं ने हाथोंहाथ लिया। पूनम मिश्रा ने 4 वर्ष की उम्र में ही संगीत सीखना आरंभ कर दिया था। एक बेहतरीन गायिका के रूप में सम्पूर्ण देश भर में मैथिली लोक गायिका के रूप में चर्चित हैं। सम्मान मिलने से उत्साहित पूनम मिश्रा ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि गार्गी नारी शक्ति सम्मेलन में मुझे इस सम्मान के लिए चयन किया गया और यह सम्मान सम्पूर्ण मिथिला का सम्मान है।

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