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मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस पी सिंह ने टीम के साथ नैक तैयारी का जायजा लेते हुए दिया आवश्यक दिशा- निर्देश

मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस पी सिंह ने टीम के साथ नैक तैयारी का जायजा लेते हुए दिया आवश्यक दिशा- निर्देश

एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर, केन्द्रीय पुस्तकालय, गणित एवं बी एड विभाग, डब्ल्यूआईटी तथा संगीत एवं नाटक विभाग का हुआ मॉक निरीक्षण

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर, केन्द्रीय पुस्तकालय, विश्वविद्यालय गणित एवं बी एड विभाग, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूईटी तथा विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग का गहन निरीक्षण कर अनेक महत्त्वपूर्ण सुझाव एवं दिशा- निर्देश दिया। मॉक नैक निरीक्षण टीम में वाणिज्य के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो बीबीएल दास, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो ए के बच्चन तथा आइक्यूएसी निर्देशक डा डा मो ज्या हैदर शामिल थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय अभियंता मो इकबाल हसन, प्रेस एवं मीडिया प्रभारी डा आर एन चौरसिया, आईटी सेल के गणेश कुमार पासवान, संजय कुमार तथा कुलपति के निजी सचिव सैयद मो जमाल अशरफ आदि उपस्थित थे।

मॉक नैक निरीक्षण का प्रारंभ एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर से हुआ, जहां सेन्टर- प्रभारी प्रो सुरेन्द्र कुमार ने टीम का स्वागत करते हुए सभी लेबों के कार्यों एवं उपयोगिताओं को बताते हुए निरीक्षण में सहयोग किया। केन्द्रीय पुस्तकालय में निदेशक प्रो दमन कुमार झा ने पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा उपयोगिताओं को बताया। वहीं गणित विभाग में विभागाध्यक्ष डा अयाज अहमद, बी एड विभाग में अध्यक्ष डा अरविन्द कुमार मिलन, डा एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी के निदेशक प्रो बी एस झा तथा विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग में प्रो लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ ने विभाग के निरीक्षण में सहयोग किया।

कुलपति ने विभागों द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रदर्शित तैयारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागों में उपलब्ध सुविधाओं एवं कक्षाओं आदि को एरो मार्क लगवा कर दर्शाने का निर्देश दिया। उन्होंने पीपीटी में सभी सूचनाओं, स्टूडेंट्स प्लेसमेंट एवं विभागीय उपलब्धियों को दर्शाते हुए स्लाइडों को विषय के अनुसार क्रमानुसार रखने की विशेष जानकारी दी। कुलपति ने स्टूडेंट सपोर्ट कार्यक्रम की समुचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण में टीम के अन्य सदस्यों ने भी अनेक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए विभाग के बेस्ट प्रैक्टिस के महत्व को रेखांकित किया। विभागाध्यक्षों एवं निर्देशकों ने टीम द्वारा दिए गए सुझावों का अक्षरशः पालन करने की इच्छा व्यक्त की गई।

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